एक समाज कैसे खुश हो सकता है समाज क्या है ? हर व्यक्ति अपने विचार से , वाणी से , व्यवहार से जो करता है उन सब का जोड़ ही समाज है। अगर समाज में घृणा है , क्रोध हैं ,लड़ाई है तो उसके बीज व्यक्तिओं में छिपे होंगे। समाज अगर प्रेमपूर्ण होना चाहता है तो प्रेम के बीज व्यक्तिओं में बोना होगा। समाज अगर अमृत चाहता है तो उसके बीज व्यक्तिओं में बोने होंगे । समाज में प्रेम कैसे हो ? अगर ह्रदय में दुःख हो तो सम्बन्ध हिंसा क्रोध घृणा से भरे होंगे। व्यक्तिओं के ह्रदय में अगर आनन्द हो तो उनके एक दूसरे से संबंध करुणा, मैत्री और प्रेम से भर जाते हैं . क्या अपने देखा कभी कि परिवार या दफ्तर में एक भी अशांत व्यक्ति हो तो माहौल कितना अशांत हो जाता है और अगर एक भी शांत प्रेम पूर्ण व्यक्ति हो तो कितना वो संभल लेता है माहौल को। क्या प्रेम किया जा सकता है ? प्रेम आरोपित नहीं किया जा सकता। प्रेम तो मन की एक चेतन अवस्था है। उसमे तो हुआ जा सकता है। जब भीतर आनंद हो तो मन प्रेमपूर्ण होगा।...
Waah sir.....
ReplyDeleteI fail to understand the link with Adani and Ambani who rose from rags to empower our youth
ReplyDeleteअदानी अम्बानी खुदा नहीं, जिसकी खुदाई वही देता है दाना अदानी अम्बानी और हम सब को
ReplyDeleteSir Ji, very very leftist view. There are thousands who did great job and our role models. Why not we discuss OWNERS OF TCS, INFOSYS, AIRTEL, ADITYA BIRLA, PAYTM and so on. Anil Ambani brother of Mukesh Ambani is in ruins. Ultimately, shrewd businessmen grow and others feel jealous.
ReplyDeleteI would say only those survive who have the ability, wisdom and kind heart. Adani and Ambani must be having these qualities otherwise they have abundant political enemies including flood of tailored social media.
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